Gwalior 

कार से टक्कर मारकर पिस्टल से जेल गार्ड पर फायरिंग, मुकाबला किया तो मैग्जीन छोड़कर भाग गए

ग्वालियर. सेंट्रल जेल का गार्ड अपने दोस्त के साथ बाइक पर जा रहा था। उसी दौरान एक होंडा सिटी कार ने टक्कर मार दी। गार्ड के विरोध जताने पर कार में बैठे युवकों ने पिस्टल से फायरिंग कर दी। गार्ड भी बीएसएफ अकादमी में ट्रेनिंग ले रहा था, उसने तुरंत बचाव करते हुए पिस्टल छीन ली, लेकिन तब तक हमलावर के साथी आ गए और पिस्टल छीनकर ले गए। इस छीना-झपटी में पिस्टल की मैग्जीन गार्ड के पास रह गई। अब पुलिस कार सहित आरोपियों को खोज रही है।

जयप्रकाश तिवारी ग्वालियर सेंट्रल जेल में गार्ड हैं। अभी उनकी बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में ट्रेनिंग चल रही है। शुक्रवार की रात को वे अपने दोस्त पंकज के पास खेड़ापति मंदिर के पास से निकल रहे थे। उसी दौरान एक होंडा सिटी कार ने टक्कर मार दी।
टक्कर मारते ही जयप्रकाश और पंकज गिर पड़े। दोनों ने इस टक्कर के लिए कार ड्राइव कर रहे युवक को डांटना शुरू किया। ड्राइव करने वाला युवक नशे में था और दोनों से झगड़ा करने लगा। इसी झगड़े के बीच उसने पिस्टल निकाल ली।
पिस्टल से किए फायर
जयप्रकाश और पंकज कुछ समझ पाते, इसके पहले युवक ने पिस्टल से फायर कर दिया। इस फायर से तो जयप्रकाश बचे तो युवक ने दूसरे फायर की कोशिश की तो जयप्रकाश ने उसकी पिस्टल छीन ली।
इस बीच फायरिंग करने वाले युवक ने अपने छह साथियों को बुला लिया। इन लोगों ने जयप्रकाश से पिस्टल छीन ली, लेकिन इस छीना-झपटी में पिस्टल की मैग्जीन जयप्रकाश के पास रह गई और युवक कार सहित फरार हो गए।
 मैग्जीन पुलिस में जमा की
बाद में जयप्रकाश पिस्टल की मैग्जीन लेकर पड़ाव थाने पहुंचा और पूरी जानकारी दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में पड़ाव टीआई संतोष सिंह का कहना है कि पिस्टल की मैग्जीन जप्त की गई और कार नंबर के आधार पर हमलावरों की तलाश की जा रही है।
बीएसएफ की ट्रेनिंग काम आई
जयप्रकाश ने बताया कि जेल विभाग ने गार्डों की 6 महीने की ट्रेनिंग टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में कराई है। वे अभी वहीं ट्रेनिंग कर रहे हैं और एक हफ्ते की छुट्टी में आए थे।
इसी ट्रेनिंग में उन्हें हथियार चलाने और दुश्मन से निपटने की ट्रेनिंग दी गई। इसी कारण वे अपना बचाव कर सके, नहीं तो पिस्टल की फायरिंग का शिकार हो सकते थे।

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