Gwalior 

वकील हड़ताल के चलते मिनिस्टर नरोत्तम ने खुद रखा पक्ष , HC ने निर्णय सुरक्षित रखा

ग्वालियर.चुनाव खर्च की गलत जानकारी देने के मामले में मध्य प्रदेश के जनसंपर्क और संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा के मामले में हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी और निर्णय सुरक्षित रख लिया। इस बीच वकीलों की हड़ताल के चलते मिनिस्टर मिश्रा ने खुद ही कोर्ट पहुंचकर दलीलें पेश कीं। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।

पिछले महीने हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने मिनिस्टर नरोत्तम के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने संबंधी चुनाव आयोग के आदेश पर स्टे नहीं दिया था और आयोग से रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को इस मामले की सुनवाई थी, लेकिन हाईकोर्ट में वकीलों की हड़ताल चल रही है।
– इसके चलते बुधवार को मिनिस्टर नरोत्तम मिश्रा और पिटिशन दाखिल करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्र भारती खुद ही कोर्ट में अपने मामले की पैरवी करने पहुंचे। दोनों पक्षों में कोर्ट में अपनी दलीलें पेश कीं। इसके बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। हड़ताल के चलते न तो मिनिस्टर के वकील आए और न ही किसी ने चुनाव आयोग की पैरवी की।
– खुद अपनी पैरवी करते हुए मिनिस्टर नरोत्तम मिश्रा ने अपने पक्ष में 4 बिंदुओं की दलील पेश करते हुए राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर जल्द फैसला करने का अनुरोध किया।
– पिटिशन दाखिल करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्र भारती ने अनुरोध किया कि उनके वकील को स्ट्राइक कर रहे वकीलों के संगठन ने रोक दिया है इसलिए उन्हें अपना पक्ष रखने का एक मौका दिया जाए।
– इस पर हाईकोर्ट बैंच ने दोनों पक्षों के अपनी दलीलें अच्छी तरह पेश करने का मौका देने के लिए अगली सुनवाई 10 जुलाई को करने का फैसला किया।
 यह था मामला
– चुनाव आयोग ने यह फैसला 2008 के विधानसभा चुनाव को लेकर दिया गया था। हालांकि, इसके बाद 2013 में भी मिश्रा विधायक चुने जा चुके हैं।
– आयोग का ये फैसला पिछले महीने सामने आया था। उनके खिलाफ कांग्रेस के राजेन्द्र भारती ने 2009 में ईसी में शिकायत की थी। उनका आरोप था कि मिश्रा ने 2008 के चुनाव में हुए खर्च का सही ब्योरा नहीं दिया था।
मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था
– ईसी ने इस मामले को लेकर मिश्रा को जनवरी 2013 में नोटिस जारी कर बयान के लिए बुलाया था।
– ईसी की कार्रवाई से बचने के लिए मिश्रा ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में पिटीशन दायर की थी। हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।
– इस केस की आयोग में लगातार सुनवाई चली और मिश्रा की ओर से गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अब जाकर ईसी ने इस पर फैसला दिया।
सरकार के स्पोक्सपर्सन हैं मिश्रा
– नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश सरकार में जनसंपर्क और जल संसाधन मंत्री हैं। वे सरकार के स्पोक्सपर्सन भी हैं। दतिया से पहले वे डबरा के विधायक रह चुके थे। जब डबरा सीट रिजर्व हो गई तो वे दतिया से चुनाव लड़ने लगे।
– मिश्रा की ईसी में शिकायत करने वाले भारती 2008 में दतिया से कांग्रेस के कैंडिडेट थे। उन्होंने इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाया।
                                                                                           वकीलों की हड़ताल के चलते मिनिस्टर नरोत्तम मिश्रा खुद ही हाईकोर्ट में पैरवी करने पहुंचे

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