महंगाई दर घटकर पहुंची 5 माह के निचले स्तर पर
By admin On 15 Jun, 2017 At 12:05 PM | Categorized As Business News | With 0 Comments

नई दिल्ली: सब्जियों के साथ साथ दाल, अंडा, मीट के दाम घटने से मई माह के दौरान थोक मुद्रास्फीति (महंगाई दर) घटकर 2.17% रह गई. पिछले 5 माह में थोक मुद्रास्फीति का यह सबसे निचला स्तर है. थोक मुद्रास्फीति से पहले जारी खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा भी काफी नीचे आ गया है. इससे रिजर्व बैंक पर अब दबाव बढ़ गया है कि वह अपनी मुख्य दर में कटौती करे.

 थोक मुद्रास्फीति एक महीना पहले अप्रैल में 3.85% पर थी जबकि एक साल पहले मई में यह शून्य से 0.9% नीचे थी. पिछले पांच माह की अवधि में दिसंबर में थोक मुद्रास्फीति 2.10% दर्ज की गई थी. रिजर्व बैंक ने इस माह की शुरुआत में जारी मौद्रिक नीति समीक्षा में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान घटा दिया था. थोक मुद्रास्फीति का आंकड़ा अब 2011-12 आधार वर्ष के अनुरूप है जबकि इससे पहले यह 2004-05 पर आधारित था.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मई में खाद्य उत्पादों के दाम में 2.27% गिरावट रही। सब्जियों के दाम 18.51% घट गए. आलू और प्याज के दाम भी गिरावट में रहे. दलहन और अनाज के दाम में भी वृद्धि हल्की रही. अनाज के दाम में पिछले साल मई में जहां 6.67% मूल्यवृद्धि दर्ज की गई थी वहीं इस साल मई में इनकी मूल्य वृद्धि 4.15% रही. दलहन के दाम मई में 19.73% घट गए. अंडा, मीट और मछली के दाम में भी सालाना आधार पर 1.02% की गिरावट रही. फलों के समूह की मुद्रास्फीति मई में 0.73% घट गई.

रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए खुदरा मुद्रास्फीति आंकड़ों को आधार मानकर मौद्रिक नीति पर फैसला करता है. इसी माह की शुरुआत में केन्द्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए मुख्य नीतिगत दर को स्थिर रखा था. बैंक ने मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा बताते हुए दरें में कमी नहीं की. प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडल फिक्की ने अब उम्मीद जताई है कि केन्द्रीय बैंक इन आंकड़ों पर गौर करेगा और मौद्रिक नीति रख पर फिर से गौर करेगा.

एक अन्य प्रमुख उद्योग मंडल एसोचैम ने भी कहा है कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े में गिरावट आने का असर खुदरा मुद्रास्फीति पर भी पड़ेगा और इसके परिणामस्वरूप रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में कटौती के लिए बेहतर गुंजाइश मिलेगी. मई माह में चीनी, चमड़ा और संबंधित उत्पादों और तंबाकू जैसे विनिमर्ति उत्पादों के दाम में वृद्धि कुछ हल्की रही लेकिन सीमेंट, चूना पत्थर और प्लास्टर, रबड़ और प्लास्टिक उत्पादों के दाम में मुद्रास्फीति में तेजी का रूख रहा. ईंधन और बिजली वर्ग में मई माह के दौरान मुद्रास्फीति बढ़कर 11.69% रही जबकि एक साल पहले इस समूह में दाम गिरे थे. थोक मुद्रास्फीति में मई माह में आई गिरावट ऐसे समय आई है जब मई माह में खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा भी पिछले कई सालों के निम्न स्तर 2.18% पर आ गया.

ज़ी न्यूज़ डेस्क

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