स्टालिन के घर CBI के छापे का समय दुर्भाग्यपूर्ण : PM
By admin On 20 Mar, 2013 At 09:54 AM | Categorized As India | With 0 Comments

22pm1

नई दिल्ली:  डीएमके के यूपीए  से अलग होने की घोषणा के दो दिन बाद ही डीएमके नेता एम.के. स्टालिन के घर सीबीआई की छापेमारी से राजनीति गरमा गई है। बीजेपी ने भी सीबीआई की छापेमारी को लेकर सरकार को आड़े हाथ लिया। तमाम अलोचना के बाद  प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कहना पड़ा कि सीबीआई के छापे का समय दुर्भाग्यपूर्ण है। मनमोहन सिंह ने कहा कि इस घटना से हम सभी बहुत खफा हैं। इससे पहले केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम और कमलनाथ ने भी सीबीआई कार्रवाई  की कड़ी निंदा की थी।

करुणानिधि के बेटे और उनके सियासी वारिस एम के स्टालिन के घर सीबीआई के छापे से इतना बड़ा सियासी भूचाल मचेगा, किसी को इसका अंदाजा नहीं था। आरोप है कि स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने विदेश से कार खरीदीं लेकिन सरकार को ड्यूटी नहीं चुकाई। सीबीआई ने चेन्नई और आसपास के इलाकों में 19 जगहों पर बीस करोड़ की गाड़ियों की तलाश की है।

इस मामले की जांच डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी डीआरआई कर रही थी लेकिन कार बरामद नहीं हो पाई तो डीआरआई ने सीबीआई से मदद मांगी। जांच करीब 20 करोड़ की 19 गाड़ियों की हो रही है इनमें से एक गाड़ी स्टालिन के बेटे की है।

यहां आपकों बता दें कि डीएमके ने मंगलवार को केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इन छापों को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल ये है कि क्या यूपीए सरकार से समर्थन वापसी का सीबीआई के एक्शन से कोई कनेक्शन है? खुद स्टालिन ने समर्थन वापसी से सीबीआई की दस्तक का कनेक्शन जोड़ दिया है। स्टालिन ने सीबीआई के आने को राजनीतिक कार्रवाई करार दिया है तो पार्टी ने भी इसे बदले की कार्रवाई करार दिया तो बीजेपी ने करुणानिधि के घर सीबीआई की दस्तक की टाइमिंग पर सवाल उठाए…शआहनवाज हुसैन ने कहा है कि कांग्रेस के पास बहुमत नहीं सीबीआई है।

 

Leave a comment

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>