हो गई है। पिछले साल मार्च में चीता ज्याला (नामीबियाई नाम सियाया) ने चार शावकों को जन्म दिया था, लेकिन केवल एक ही जीवित बचा। ज्याला ने इस साल जनवरी में अपने अन्य चार शावकों को जन्म दिया, जिसके बाद चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। ■17 सितंबर 2022 को आठ चीते नामीबिया और फरवरी 2023 में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाए गए थे। गामिनी दक्षिण अफ्रीका से आई थी।

चौथी बार चीता ने दिया शावकों को जन्म, संख्या 13 पहुंची

भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने रविवार को पांच शावकों को जन्म दिया। इसके साथ ही भारत में पैदा होने वाले चीते के शावकों की संख्या अब 13 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण, बन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने यह जानकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये दिए। उन्होंने लिखा, पांच शावक, कूनो। दक्षिण अफ्रीका के त्वालु कालाहारी रिजर्व से लाई गई पांच वर्ष की मादा चीता गामिनी ने पांच शावकों को जन्म दिया। उन्होंने बताया कि यह चौथी बार है जब भारत में किसी मादा चीता ने शावकों को जन्म दिया है। जबकि दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ने पहली बार शावकों को जन्म दिया है। उन्होंने चीता शावकों के जन्म के लिए विशेष तौर पर वन अधिकारियों की टीम, पशु चिकित्सकों और अन्य कर्मियों को बधाई दी, जिन्होंने चीतों के लिए अनुकूल वातावरण मुहैया कराया और इन शावकों का जन्म हो सका। ब्यूरो

हो गई है। पिछले साल मार्च में चीता ज्याला (नामीबियाई नाम सियाया) ने चार शावकों को जन्म दिया था, लेकिन केवल एक ही जीवित बचा। ज्याला ने इस साल जनवरी में अपने अन्य चार शावकों को जन्म दिया, जिसके बाद चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया।

■17 सितंबर 2022 को आठ चीते नामीबिया और फरवरी 2023 में 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाए गए थे। गामिनी दक्षिण अफ्रीका से आई थी।

By Snews

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