जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने राज्य निदेशक केवाइसी और पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक पर तीन लाख 59 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। लाभार्थी को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में लिए ऋण में मिलने वाली 25 प्रतिशत की छूट नहीं देने और उसकी आरसी जारी करने पर निर्णय सुनाया है। शामली के मोहल्ला रेलपार निवासी शकुन कर्णवाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 10 अगस्त 2016 को वाद दायर किया था। उन्होंने अवगत कराया था कि पीएनबी शामली से योजना के तहत ऋण के लिए साक्षात्कार दिया था। जिला उद्योग केंद्र व बैंक अधिकारियों ने बताया था कि सरकार से ऋण में 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी। उन्होंने मानकों को पूरा कर आवेदन किया। जिला उद्योग केंद्र और बैंक ने 10 लाख रुपये का. ऋण स्वीकृति प्रमाण पत्र दिया, लेकिन बैंक ने अप्रैल 2011 में उसका चार लाख रुपये का ही ऋण स्वीकृत किया, जबकि प्रोजेक्ट धनराशि अंकन 5,98225 रुपये, जिसमें बैंक ऋण चार लाख रुपये और मार्जन मनी अंकन 198225 रुपये प्रोजेक्ट राशि पर 25 प्रतिशत की छूट के हिसाब से 149550 रुपये की छूट मिलनी थी। बैंक अधिकारियों ने बताया कि ऋण लेने के तीन से छह माह के बाद छूट संबंधी कार्रवाई पूरी करके केवाइसी लखनऊ संबंधित विभाग को भेज दी जाती है, और 25 प्रतिशत की छूट मिल जाती है। छूट नहीं मिलने से मानसिक व व्यापारिक तथा आर्थिक नुकसान हुआ।

By Snews

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