संवाद सूत्र, बिनौलीः कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानियों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत क्लस्टर फ्रंटलाइन प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को बीमारियों के कारण व निवारण बताए। कृषि विज्ञान केंद्र पादप सुरक्षा विज्ञानी डा. शिवम सिंह ने बरनावा में प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया। उन्होंने किसानों के सरसों प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। फसल में लगने वाले रोग व कीटों जैसे सफेद रतुआ रोग, पत्ती झुलसा रोग, माहू, चेपा आदि की जानकारी दी। वर्तमान में मौसम परिवर्तन की वजह से सफेद रतुआ का संक्रमण देखा जा रहा है, इसके पहले लक्षण में पत्तियों की निचली सतह पर सफेद धब्बे बनते और बाद में बढ़ कर फूल और फलियों पर भी दिखाई देता है। फलियां और फूल का हिस्सा टेढ़ा मेढ़ा हो जाता है। इसके प्रबंधन के लिए मेटालैक्सिल, मेटालैक्सिल व मैंकोजेब का छिड़काव करना चाहिए। इसके साथ ही देर से बुवाई तथा मौसम परिवर्तन की वजह से सरसों के फूलों और फलियों पर माहू चेपा का संक्रमण भी दिखाई देता है जो बहुत छोटा और हरे रंग का कीट होता है। इसके प्रबंधन के लिए थायोमेथोक्सम या इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करना चाहिए। संक्रमित पौधों को किसानों को दिखा पहचान के तरीके बताए।

By Snews

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