राज्य ब्यूरो, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मंगलवार मंगलवार को हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए भारतीय जनता पार्टी अपने सात प्रत्याशियों को जिताने में सफल रही जबकि, आठवां भी जीत की ओर बढ़ रहा था। वहीं अपने खेमे में सेंधमारी से प्रभावित सपा के तीन में से दो प्रत्याशी ही राज्यसभा की देहरी लांघने में कामयाब हो सके जबकि उसके तीसरे उम्मीदवार और प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन को हार का सामना करना पड़ा। विधान सभा में सपा के मुख्य सचेतक मनोज कुमार पांडेय समेत पार्टी के सात विधायकों ने पाला बदल कर भाजपा के पक्ष में मतदान किया। वहीं समाजवादी पार्टी भाजपा के सहयोगी दल सुभासपा के एक विधायक का वोट झटकने में सफल रही। जेल में बंद तीन विधायकों के अलावा अमेठी की सपा विधायक महाराजी ‘प्रजापति वोट डालने नहीं आई। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की अवधि सुबह नौ से शाम चार बजे तक निर्धारित थी लेकिन मतदान तय समयावधि से लगभग सवा घंटा पहले ही समाप्त हो गया था। विधान भवन परिसर स्थित तिलक हाल में हुए चुनाव में विधानसभा के 399 सदस्यों में से 395 ने बोट अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से सोमवार शाम बुलाई गई बैठक और रात्रिभोज से कन्नी काटने वाले सपा के आठ में से छह विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के समर्थन में वोट डाले। सपा से बगावत कर भाजपा की राह आसान करने वाले इन विधायकों में मनोज कुमार पांडेय, राकेश पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी और पूजा पाल शामिल हैं। इस सूची में बदायूं की बिसौली सीट के सपा विधायक आशुतोष मौर्य का नाम भी जुड़ गया जिन्होंने भाजपा के पक्ष में वोट दिया। अमेठी की सपा विधायक और पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की पत्नी महाराजी प्रजापति वोट डालने नहीं आईं। वहीं सपा प्रत्याशियों के चयन में पीडीए की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मतदान न करने की घुड़की देने वाली सिराथू की सपा विधायक पल्लवी पटेल ने अंततोगत्वा सपा उम्मीदवार रामजी लाल सुमन को वोट दिया। प्रथम वरीयता के वोट पाकर आरपीएन सिंह, डा. सुधांशु त्रिवेदी, चौधरी तेजवीर सिंह, डा. संगीता बलवंत, साधना सिंह, अमर्याल मौर्य व नवीन जैन तथा सपा उम्मीदवार जया बच्चन और रामजी लाल सुमन, विजयी हुए। वहीं समाचार लिखे जाने तक भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ प्रथम वरीयता के 29 वोट पाकर सपा के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन से आगे थे। आलोक रंजन को पहली वरीयता के 19 वोट मिले। शाम पांच बजे मतों की गिनती शुरू होते ही सपा की ओर से भाजपा के नीलरतन पटेल द्वारा मतदान स्थल से बाहर वोट देने का मुद्दा उठाते हुए मतगणना रोकने की मांग की गई। इस पर रिटर्निंग अफसर ब्रजभूषण दुबे की ओर से भारत निर्वाचन आयोग को सपा की आपत्ति भेजी गई। निर्वाचन आयोग ने सपा की आपत्ति खारिज कर दी। फिर शाम 6.50 बजे मतगणना दोबारा शुरू हो पाई

By Snews

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